वक्त वह परिंदा है ,जो कभी रुकता नहीं,
तूफानों में भी ठहरता नही।
कीमत पता होती है इसकी,
जब चंद लम्हें बचते है।
वरना उम्र भर वक्त कहां है,
कहते हुए गुजरते हैं।।
वक्त को जिसने ठहर कर, रुक कर,
जाना नहीं।
वक्त ने भी उसको कभी,
पहचाना नहीं।।
आओ कुछ घड़ियां,
वक्त के साथ भी गुजार ले।
वरना ऐसा ना हो,
अगले पल ही है वक्त हमें नकार दे
* मीना मंंडल*
05/02/19
तूफानों में भी ठहरता नही।
कीमत पता होती है इसकी,
जब चंद लम्हें बचते है।
वरना उम्र भर वक्त कहां है,
कहते हुए गुजरते हैं।।
वक्त को जिसने ठहर कर, रुक कर,
जाना नहीं।
वक्त ने भी उसको कभी,
पहचाना नहीं।।
आओ कुछ घड़ियां,
वक्त के साथ भी गुजार ले।
वरना ऐसा ना हो,
अगले पल ही है वक्त हमें नकार दे
* मीना मंंडल*
05/02/19
Very beautiful, madam!
ReplyDeleteबहुत-बहुत धन्यवाद साक्षी जी। यूं ही आप लोगों का प्रोत्साहन मिलता रहे तो हम निरंतर आगे बढ़ते हुए मंजिलों को पार कर लेंगे।
ReplyDeleteबहुत-बहुत धन्यवाद आकाश जी।
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